अंग्रेज़ी तो बेरहम और धोखेबाज़
मेरी English दाल में नमक के बराबर है इस भाषा से कभी मुझे प्यार नही था । ये भाषा कम युद्ध नीति ज़्यादा लगती है कभी तुर्रमखां बन कर दल बदल लेती है कभी जयचंद और मीर जाफर बन कर धोखा दे देती है । I am right कब am i right से अपना पाला बदल लें कोई नही जानता May i come से शुरू होकर U can go कर देती है अच्छा ख़ासा कही भी मुंडी घुसेड़ के "आई का" कह दो तो सासम्मान बुला कर बैठाया जाता है U can go की जगह पतली गली से निकल ले कहने से भौकाल भी टाइट रहती है या थोड़ा तमीज़ का तड़का लगाना हो तो "जनाब अपनी तशरीफ़ उठा कर बाइज़्ज़त रुख़्सत हो लीजिए कहने से काम होजाता है I don't care की जगह "घण्टा नही फ़र्क पड़ता है" हमरे घोड़े से" कानो में घंटों गूँजता है ।
कभी Oh-hell होजाता है कभी hello होजाता है Go to hell की जगह "भरसाई मे जाओ या भाड़ में जाओ वरना भित्तर तो जाना ही जाना है।
अरे बताओ ना जाने कौन सी दुश्मनी थी मजे से "मैडम जी मैडम जी पंथाना लगा है" मैडम जी सुसु आयी है कहते थे पर मैडम जी ने सारी भावनाओं पर पानी फेर कर May I go to Toilet सीखा दिया पानी पीने भी जाना हो तो बचपन का सीखा बस यही ज्ञान चेप देते थे May I go to toilet अब तो ना पंथाना होता है ना सुसु आती है मैडम जी ने संवेदनाओ की तहज़ीब को उतार कर अंग्रेज़ी की तमीज़ सीखा दी । और फिर उस दिन से मेरा अंग्रेज़ी से विश्वास ऐसे उठ गया जैसे रिमोटवा से घाघरा उठ गया हो जिसे हम "जस चियाओ चियाओ" समझते थे वो दरअसल साला Just Chill Chill था जिसे आउट ज़ेड समझते थे वो How's that था और जिसे THANK Q समझते थे वो THANK YOU निकला । बस एक ही अंग्रेज़ी का संवाद ऐसा है जिसे गूंगा बोल भी सकता है बहरा सुन भी सकता है अंधा देख भी सकता है और अनपढ़ पढ़ भी सकता है वो बस I LOVE YOU है बाक़ी सब मोहमाया है । इसीलिए भईया स्वदेसी अपनाओ धोखाधड़ी से महफ़ूज़ रहो । जनहित में जारी इंग्लिश अत्याचारी ।
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