अरे तू तो Out Of Stocks होगया
आधुनिकता की इस भागमभाग ज़िन्दगी में समय की बचत के लिए लोगों ने अपने बेड पर दुकानें सजा दी है । बस एक क्लिक पर सुई से लेकर जहाज़ तक आपके ऑर्डर पर आपके घर पहुंचा दिया जाता है । हम बात कर रहे हैं ऑनलाइन शॉपिंग की जो आज की आधुनिक तकनीक का सबसे उपयोगी माध्यम है । अपने रूम मे बैठे बैठे आप दुनिया की किसी भी वस्तु को ख़रीद सकते हैं ।
एक तरफ जहाँ चाइनीज़ सामानों का बहिष्कार किया जा रहा है चाइनीज़ ऐप्प पर रोक लगाई जा रही है वही सभी सामान भारत निर्मित लेने का आग्रह किया जा रहा है वही दूसरी तरफ "पिछला द्वार नीति" का स्तेमाल करके चाइनीज़ सामानों की ब्रांडिंग की जा रही है ।
ऑनलाइन शॉपिंग किसने नही की है सभी जानते हैं बिना बाज़ार जाए घर बैठे कुछ भी मंगवाया जा सकता है । आज ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफार्म पर सबसे ज़्यादा मोबाइल ख़रीदे जाते हैं तरह तरह की कंपनियों के मोबाइल आपको मिल जाएंगे बाज़ार से कम दाम में । सबसे ज़्यादा रेडमी और रियल मी कंपनी के मोबाइल फ़ोन आकर्षित करते है पर ये हमे कैसे आकर्षित करते हैं आइये देखते हैं ।
हमारा दिमाग़ जो देखता सुनता है उसे ही अपना लेता है । मीडिया और एडवरटाइजिंग कम्पनी इस तरह से किसी समान को पेश करती है जैसे इससे अच्छा समान दुनिया में बना ही ना हो हमारा दिमाग़ ये संकेत देने लगता है ये समान बहुत अच्छा है और उसे ही हम ख़रीदने लगते हैं । ऑनलाइन शॉपिंग ऐप्प आने से विज्ञापन कम होगया है तीसरी पार्टी की जगह हम सीधा समान तक अपनी पहुँच बना लेते हैं । आज के इस दौर में मोबाइल की आवश्यकता सभी को है दुकान पर जाने की जगह हम ऑनलाइन शॉपिंग से मोबाइल खरीदना ज़्यादा पसंद करते हैं । आपने देखा होगा जब भी आप किसी मोबाइल को ऑर्डर करने जाते हैं वो Out Of stock दिखाने लगता है । आप एक बार दो बार कोशिश करते हैं जैसे स्टॉक उपलब्ध होने का इंतेज़ार करते है पर जैसे स्टॉक उपलब्ध होता है उसके 1मिनट बाद ही आउट ऑफ स्टॉक का नोटिस दिखाने लगता है अब हमारा दिमाग़ हमे ये संकेत देता है ये मोबाइल बहुत अच्छा है अगर अच्छा ना होता तो इतनी जल्दी बिकता नही ज़रूर ये मोबाइल बहुत ख़ास है । अब हमारा दिमाग़ उसी मोबाइल को लेने का संकेत देता है कोई चाहे फ्री में हमे एप्पल आईफोन 11 प्रो भी देगा तो दिमाग़ यही कहेगा इससे अच्छा तो वो फोन होगा जिसका स्टॉक ख़त्म होगया अब मन उसी तरफ़ लग जाता है । हम अपने नातेदार रिश्तेदार दोस्तो से उस फ़ोन की चर्चा करने लगते है जो फ़ोन 5 हज़ार भी ना बिकने को हो उसकी एडवांस 50 हज़ार बुकिंग होजाती है । दरअसल एक भी फोन नही बिकता ये कंपनियां ऑनलाइन शॉपिंग कंपनियों पर अपने फ़ोन सीधा उतारती हैं जिससे उन्हें विज्ञापन की और तीसरे व्यक्ति के माध्यम पर पैसा ख़र्च करने की बचत होती है साथ ही उन्हें ना अपना रिटेल स्टोर खोलना पड़ता है ना कोई कर्मचारी रखना पड़ता है वो फ़ोन को उतार कर बार बार ऑउट ऑफ स्टॉक्स दिखा कर ये संकेत देती है ये सबसे ज़्यादा बिकने वाला फ़ोन है फिर उस मोबाइल कम्पनी के शेयर की मार्केट वैल्यू बढ़ जाती है इस तरह बार बार ऑउट ऑफ स्टॉक्स दिखा कर हमारी जिज्ञासा को अपनी ओर खींच लेती है और एडवांस में बुकिंग ले लेती है । चाइनीज़ ऐप्प पर तो हमने पाबंदी लगा दी पर ऑनलाइन शॉपिंग से चाइनीज़ कंपनियों को हम फ़ायदा पहुँचा रहे हैं । मैंने ख़ुद एक फोन को ऑर्डर करने के लिए दो महीने से ज़्यादा इंतेज़ार किया अपने सौ से ज़्यादा अलग अलग राज्यों के दोस्तों से कहा सबने जब भी उस फ़ोन के उपलब्ध होने की तारीख़ आयी ऑर्डर किया पर सभी को एक सा जवाब ऑउट ऑफ़ स्टॉक्स । अरे भाई जब आप हम नही ले रहे हैं तो ये ऑउट ऑफ स्टॉक कैसे होता है ?
यही तो असली खेल है कम्पनी को आगे बढ़ाने का जिस चीज़ की वैल्यू बढ़ानी हो उसे मार्केट से ग़ायब करदो उसकी वैल्यू अपने आप बढ़ जाएगी । अभी आपको आटे की ज़रूरत हो अगर आपकी ज़रूरत पर आपको एक-दो महीना आटा ना मिले तो आप उसकी क़ीमत से भी अधिक क़ीमत देकर उसे खरीदेंगे यही हाल ऑनलाइन शॉपिंग पर उपलब्ध फोन का है जिसे हम मार्केट से भी ज़्यादा पैसा देकर ख़रीदते हैं ।
ये बार बार ऑउट ऑफ स्टॉक्स इसलिए दिखाया जाता है ताकि हम कोई दूसरा मोबाइल ख़रीद ही ना पाए । इस तरह हम चायनीज़ मोबाइल की मार्केट वैल्यू बढ़ाते रहते हैं सभी जानते है ऑनलाइन शॉपिंग करना सरल के साथ साथ जोखिम भरा भी है । ऑनलाइन शॉपिंग का ख़ुला बाज़ार आने से छोटे मोटे व्यपारियों की क़मर टूट गयी है सारे धंधे धीरे धीरे बंद होने लगे हैं । एक तरफ सरकार "आत्मनिर्भर" नीति को बढ़ावा देने की मांग करती है वही दूसरी तरफ सभी विदेशी ऑनलाइन शॉपिंग कंपनियों को प्रोत्साहित भी करती है जिस सरकार ने FDI के लिए इतना हो हल्ला किया था आज उसी सरकार के कार्यकाल में ऑनलाइन शॉपिंग कंपनियों की चांदी कट रही है । इतनी उदारता अगर सरकार छोटे मोटे उद्योगों के लिए दिखाती तो ज़रूर भारत आत्मनिर्भर बन जाता ।
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