फेसबुक पर कैसे ब्लॉक् होती है आईडी जाने इस पोस्ट में
प्रवीण बहुत सक्रीय (एक्टिव) रहता था सोशल मीडिया पर उसके लेख को काफ़ी सराहना भी मिलती थी पर एक दिन अचानक प्रवीण की किसी पोस्ट की वजह से फेसबुक पर उसकी आईडी ब्लॉक कर दी गयी प्रवीण समझ नही पाया ऐसा क्यों हुआ है उसके साथ ।
केस : 2 :
आकांक्षा (काल्पनिक नाम)अपने परिवार से छुप कर अश्लिल वीडियो देखा करती थी और अपने दोस्तों से व्हाट्सएप पर चैटिंग करती थी एक दिन आकांक्षा के पिता ने उसका मोबाइल मांगा और उसका फेसबुक खोला जैसे ही उन्होंने देखा उनके होश उड़ गए आकांक्षा के फेसबुक न्यूज़ फीड में केवल गंदी गंदी फ़ोटो, ग्रुप, वीडियो, और ऐसे ही दोस्तो का सजेशन आने लगा। आकांक्षा ने पिता ने उसका मोबाइल छीन लिया और उसपर मोबाइल इस्तेमाल करने की पाबंदी लगा दी। उसे ये समझ में नही आया जो फेसबुक तो वो ना इस तरह का कुछ सर्च करे ना किसी तरह की ऐसी बातें हो और ना ही ऐसा कोई वीडियो देखा हो फिर उसकी न्यूज़ फीड में इस तरह के अश्लील पोस्ट क्यों दिखाई दे रहे हैं ।
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ये समस्या सिर्फ़ प्रवीण या आकांक्षा के साथ नही होरही ये समस्या हर किसी के साथ होती है कभी आपने सोचा है आप जो गूगल पर सर्च करते हैं ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट पर जो आप देखते हैं या व्हाट्सएप वग़ैरह पर आप जो भी बातें करते हैं वो इंस्टाग्राम और फेसबुक पर क्यों दिखने लगता है ?
अगर आपने फ्लिपकार्ट पर किसी मोबाइल को सर्च किया उसके बाद जैसे ही आप फेसबुक खोलते हैं आपको फ्लिपकार्ट का ऐड दिखने लगता है तरह तरह के मोबाइल कम्पनियो के विज्ञापन दिखने लगते हैं आख़िर ऐसा होता कैसे है हम पूरी गोपनीयता से कुछ करे पर वो सार्वजनिक होजाता है क्या हमारी निजता हमारी गोपनीयता का कोई मूल्य नही है ?
कभी आपने सोचा है ये सोशल मीडिया कम्पनी जैसे फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्वीटर, इंस्टाग्राम हमसे एक रुपये भी नही लेती पर इनकी आमदनी का साधन क्या है ?
इनकी आमदनी का साधन है हमारी जानकारी ये इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के दौर में हमारी जानकारी ही इनकी आमदनी का साधन है ये हमे हमसे जानकारी लेकर हमे ही बेच कर पैसा कमाते हैं। हम जो एप्प डाऊनलोड करते हैं उसको डाऊनलोड तो कर लेते हैं पर उसमे एप्प परमीशन क्या क्या माँगी गयी है ये कभी नही देखते। शातिर से शातिर इंसान भी मोबाइल इस्तेमाल करने पर पकड़ा जाता है हम चाहे सिम बदल दे पर अगर हमारे पास वही मोबाइल है जिसका हम इस्तेमाल करते आरहे हैं उसमें जो एप्प है उसके द्वारा कोई भी हम तक पहुँच जाता है। आपने सुना होगा फलां नेता का ऑडियो लीक होगया बात करने का ये होता कैसे है ?
एंड्रॉइड गूगल द्वारा बनाया गया OS (ऑपरेटिंग सिस्टम )है सबसे ज़्यादा एंड्रॉइड फोन को इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ता है एंड्रॉइड फोन में गूगल की जितनी भी सर्विसेज है ईमेल,यूट्यूब, क्रोम, इत्यादि वो प्री इंस्टाल आपको मिलती है जब आप सेटिंग्स में जाकर एप्प में जाते हैं उसमें आपको एप्प परमीशन में दिखेगा कैसे गूगल हमारी जासूसी करता है। हम और आप सारे एप्प को इंस्टाल तो करते है पर उसके द्वारा एक्सेस परमीशन को नज़रअंदाज़ कर देते हैं। एप्प हमसे हमारे फ़ोन कॉन्टैक्ट की डिटेल्स, कॉल लॉग, लोकेशन, फ़ोन स्टेटस, के साथ ही साथ कैमरा और माइक को भी एक्सेस करने की परमीशन माँगता है जिसे हम बिना देखे, पढ़े ओके कर देते हैं। आपने कभी सोचा है ईमेल आपके कैमरा और माइक की परमीशन क्यों माँग रहा है आप तो ईमेल का इस्तेमाल बस मेल भेजने में करते हैं, ऐसे और भी एप्प है जो आपसे विभिन्न तरह की परमीशन माँगते हैं आपको पता भी नही चलता वो आपकी सारी जानकारी जुटा लेते हैं आप सबसे ज़्यादा किससे बातें करते हैं आपका क़रीबी कौन है आप क्या क्या बातें करते हैं वो सब सुनता है ज़रुरत पड़ने पर वो आपके कैमरे को दूर से ही बैठे बैठे ओपेन करके आपको देख भी सकता है जिसकी भनक भी आपको नही लगेगी।
ये सब सम्भव होता है AI आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की वजह से जो अल्गोरिथम पर काम करता है इसके द्वारा आपकी पसंद ना पसन्द को फ़ौरन मॉनिटर करके उससे संबंधित चीज़े आपको दिखाने लगता है आप चाहे इंटरनेट का इस्तेमाल ना भी करें पर जो बातें आप मोबाइल पर करेंगे या किसी चीज़ को आप सर्च करेंगे आपको वो फेसबुक पर दिखने लगती हैं। TOI (थिंक्स ऑफ़ इंटरनेट) और AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) ये सूचना प्रौद्योगिकी ( इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी) के नवीन हथियार है इसके द्वारा ही ये सभी काम अंजाम दिए जाते हैं।
अब आते हैं मेन मुद्दे पर फेसबुक ट्वीटर पर आईडी कैसे ब्लॉक होती है। आपने देखा होगा जब भी किसी देश, धर्म, जाति, राजनेताओं या किसी भी ऐसे मुद्दे पर बात करते हैं तो जिसका सोशल मीडिया कंपनियों को अप्रत्यक्ष या प्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलता रहता है उसके ख़िलाफ़ अगर आप कुछ लिखते हैं तो आपकी आईडी को ब्लॉक कर दिया जाता है। फेसबुक वग़ैरह का अपना सर्वर होता है और उसमें AI की सहायता से कुछ ऐसे वर्ड ऐड किये जाते हैं जो फेसबुक कम्युनिटी स्टैंडर्ड के ख़िलाफ़ होते हैं। जैसे आपने इसराइल, अमेरिका और ईरान के लिए कोई बात लिखी अगर आपने ईरान की तारीफ़ की या ईरान शब्द का उपयोग (English language में ) किया तो आपकी आईडी को ब्लॉक कर दिया जायेगा या आपकी पोस्ट रीच कम होजायेगी आपको पोस्ट डाले घण्टो होजायेंगे पर उसे आपकी दोस्त नही देख पायेंगे ऐसा भी देखा गया है जिन लोगों की पोस्ट पर हज़ारो लाखो लाइक आते है अगर वो कुछ ऐसा लिखते हैं तो उस पोस्ट की पहुँच फेसबुक कम कर देता हैं। फेसबुक से लेकर गूगल तक के सर्वर शब्दकोश में कुछ ऐसे वर्ड ऐड रहते हैं जिसको लिखना या सर्च करने निषेध रहता है जैसे ही उन शब्दों को आप लिखते हैं सर्वर से ये सोचना सर्वर एडमिनिस्ट्रेटर को एडमिनिस्ट्रेटर से सर्वर इंजीनियर को सर्वर इंजीनियर से कम्युनिकेट ऑफिसर को पास होकर आपकी आईडी के यूनिक नंबर को Identified करके सर्वर नेटवर्क यूजिंग को ब्लॉक कर देता है। हर आईडी का अपना एक यूनिक आईडी नंबर होता है जिससे आपकी पहचान होती है क्योंकि अल्गोरिथम Alphanumeric चीज़ों की ही पहचान करता है ये नही की वो फेसबुक पर कलुवा के पापा , माफ़िया बाहुबली इत्यादि नाम से आपको ब्लॉक करता है वो आपकी आईडी यूनिक नंबर से ही करता है जिससे आपकी फेसबुक सर्वर के डेटा बेस पर पहचान होती है उसमें निषेध शब्दकोशों को जोड़ दिया जाता है ।
एक बात और जान ले फेसबुक सभी की आईडी ब्लॉक नही करता जो अंग्रेज़ी में लिखते हैं उन्हीं की id को ब्लॉक करता है क्योंकि सॉफ्टवेयर की डिज़ाइन इंग्लिश और नम्बर तथा कुछ विशेष चिन्हों को बना कर की जाती है अगर आप हिंदी में लिखते हैं तो सॉफ्टवेयर को ट्रांसलेट करने में समय लगेगा और अगर आप व्यंग्यात्मक तरीके से ट्रॉपिकल तरीक़े से लिखते हैं जैसे "अबे ,तोरा,मेरा,दे मारब, बकैती,इत्यादि तो फेसबुक आपकी आईडी को कभी ब्लॉक नही कर पायेगा। हिंदी मे भी प्रसिद्ध भारतीय राजनेताओं,धर्म, जाति, समुदाय, स्मारक,इत्यादि के बारे में लिखने पर भी आईडी ब्लॉक होजाती है जो वर्ड इंग्लिश और हिंदी में लिखने पढ़ने बोलने में समांतर होते है उसकी पहचान कर आपकी करके आईडी ब्लॉक की जाती है। कोशिश करें हिंदी में लिखने की या इंग्लिश में लिखे पर विरोधाभासी पोस्ट नही जो फेसबुक कम्युनिटी स्टैंडर्ड के ख़िलाफ़ हो।
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