ना किसी दवा से ना हथियार से इंसान ख़ुद ही मर जाएगा एहसास ए कमतरी के वार से
इस दुनिया में हर किसी को सब कुछ हासिल नही होता वो उसे हासिल करने की कोशिश करता रहता है। हर किसी के अंदर कुछ ना कुछ कमी ज़रूर है और उसी कमी को कहते हैं "लोग क्या कहेंगे" ये दुनिया का सबसे बड़ा मर्ज़ है सबसे बड़ा रोग क्या कहेंगे लोग जो इंसान को जीते जी मार देता है,उसके लिए ना कोई हथियार चाहिए ना कोई दवा ना कोई जदीद तरीक़ा बस एहसास ए कमतरी को अपने दिल में बैठा ले नज़र ए हक़ीर होजाएं फिर देखिए कैसे आपकी ज़िन्दगी तबाह और बर्बाद होती है।
ये दुनिया हैं यहां हर किसी के अंदर कुछ ना कुछ कमी ज़रूर है किसी के पास दौलत है तो सेहत नही सेहत है तो दौलत नही दोनों है तो वक़्त नही वक़्त है तो दौलत नही वक़्त है पर इल्म नही इल्म है पर सेहत नही सेहत ओ दौलत है पर सुकून नही। सेहत वाला दौलत वाले से परेशान हैं कि उसके पास इतनी दौलत है दौलत वाला उसकी सेहत से परेशान है कि ये लम्बा ताडंगा और सेहतमंद कैसे हैं। सेहतमंद इल्म वाले से परेशान है कि उसके पास इल्म नही इल्म वाला अदब ओ तहज़ीब से महरूम है अदब ओ तहज़ीब वाला महफ़िल से महरूम है महफ़िल वाला अमल से महरूम है।
आपको अंग्रेज़ी नही आती आप बाहर जाते हैं चार लोगों को अंग्रेज़ी में बात करते हुवे देखते हैं एक्सट्रोवर्ट होने लगते हैं जिसे अंग्रेज़ी आती है उसके पास हुनर नही है वो आपके हुनर से परेशान है आपके पास हुनर है तो दौलत नही हैं। सीबीएसई बोर्ड वाले आईसीएससी वालों से परेशान हैं यूपी बोर्ड वाले सीबीएसई बोर्ड वालों से परेशान हैं उन्हें लगता एक दूसरे को एहसास ए कमतरी है कोई इस दुनिया में परफ़ेक्ट नही है। जिसके पास दौलत ओ सेहत है उसके पास एन्जॉय करने का वक़्त नही है जिसके पास वक़्त है उसके पास दौलत नही है। हम ख़ुद ही अपने आप को दूसरों की नज़र में गिरा लेते हैं। किसी को एट्टी नाइन सेवेंटी नाइन से डर लगता है तो कोई उन्नियासी और नवासी से घबरा जाता है कोई क्षमा बोल के भी माफ़ होजाता है किसी का सॉरी बोलते बोलते दिन बीत जाता है। कोई घर से परेशान है कोई व्यापार से परेशान है किसी के पास इल्म नही है किसी के पास सामाजिक स्तर नही है कोई खाने को तरस जाता है कोई छप्पन भोग को भी इंकार कर जाता है। किसी के बेहतरीन मख़मली गड्डा है पर सुकून की नींद नही है कोई फुटपाथ पर भी अपना कल बेच कर सुकून से सोजाता है।
किसी की शादी नही होरही तो कोई शादी से परेशान है किसी को औलाद नही होरही तो कोई औलाद से परेशान हैं। किसी के पास घर है तो कोई रहने वाला नही और किसी के पास परिवार है पर उनके रहने की जगह नही। कोई सीईओ बन के भी परेशान है तो कोई चपरासी बन के भी मौज काट रहा है। अगर आप समाज और उसके लोगों को देखेंगे तो सब आपको आपसे बेहतर दिखेगा पर ऐसा नही हैं किसी के पास आली शान बंगला है गाड़ी है रुतबा है पर बैंक का लोन हलक़ तक अटका है। जिस तरह दरवाज़े में उंगली फंसी हो और सामने कोई ख़ूबसूरत लड़की खड़ी हो और आप उसके सामने मुस्कुरा रहें हो पर अंदर ही अंदर छटपटा रहे हो उसी तरह ये समाज भी है सामने से इतना ख़ूबसूरत इतना अच्छा है कि आप ख़ुद को हक़ीर समझने लगते हैं एहसास ए कमतरी में उलझ कर अपना सुकून ओ कल बर्बाद कर देते हैं पर अंदर से छटपटाहट हर किसी को है। दुनिया मे कुछ है तो वो है सुकून जिसकी तलाश मरते दम तक लोग करते हैं एक गाना था ना "ज़िन्दगी की तलाश में हम, मौत के कितने पास आगयें" बस यही ज़िन्दगी है , जब क़ुव्वत ए रब्बानी आपके जिसमे रहेगी तो आपको परेशानी रहेगी, ख़ुद से नही दूसरों की ख़ुशियों से।
हज़रत अली ने फ़रमाया कल की फ़िक़्र के लिए अपना आज बर्बाद मत करो जो तुम्हारे नसीब में लिखा होगा वो तुम्हे मिल कर रहेगा
ज़िन्दगी में हमेशा समझौता करना सीखो, रिश्तों की खूबसूरती एक दूसरे की बातों को बर्दाश्त करने में है, बेऐब इंसान तलाश करोगे तो अकेले रह जाओगे।
रिज़्क़ के पीछे अपना ईमान ख़राब मत करो ,रिज़्क़ इंसान को ऐसे तलाश करता है जैसे मरने वाले को मौत।
गुस्से की हालत में कोई फैसला मत करो और ख़ुशी की हालत में कोई वादा मत करो।
दुनियादारों की सोहबत अख़्तियार ना करो क्योंकि अगर तू तंगदस्त (ग़रीब) तो तुझे छोड़ देंगे और अगर दौलतमंद हुआ तो तुझसे हसद (जलन) करेंगे।
जो पसन्द आए उसे हासिल करलो या जो हासिल है उसे पसन्द करलो
ख़ुश मिज़ाजी खूबसूरती की कमी को पूरा कर सकती है पर खूबसूरती ख़ुशमिज़ाजी को की कमी को पूरा नही कर सकती।
सऊदी दुबई यहाँ से जाने वाला अरबी नही जानता पर सीख लेता है ग़रीब दौलत के साथ पैदा नही होता पर दौलत हासिल कर लेता है बीमार सेहतमंद होसकता है पर सेहतमंद को बीमार होने में वक़्त नही लगता ग़रीब अमीर होसकता है पर अमीर को ग़रीब होने में वक़्त नही लगता, ज़िन्दगी सालों तक चलती तो कभी मौत आने में वक़्त नही लगता। याद रखना जहाज़ बनाने वाला भी अपनी गाड़ी किसी मिस्त्री से ही बनवाएगा ख़ुद से नही। हर इंसान के अंदर अल्लाह ने कुछ ना कुछ ख़ूबी अता की है उसका शुक्र अता करो एहसास ए कमतरी में ख़ुद को हक़ीर ओ ज़लील करके बेमौत मत मरो जो है उसी में ख़ुश रहो अगर आपके पास खाने को खाना है और सोने जो छत तो उस ग़रीब भूखे को देखे जिसके पास ना खाने को खाना है ना रहने को छत। अपने से नीचे वाले को देखोगे तो हमेशा ख़ुश रहोगे वरना ज़िन्दगी जीना मुश्किल होजाएगी भूल जाइये लोग क्या कहेंगे ये सोचिए आपका ईश्वर क्या कहेगा बंदों को क्या राज़ी करना जो पलभर में रुठ जाते हैं करना है तो अपने रब को राज़ी करो, जितना जीना है जी लो कल की फ़िक़्र के लिए अपना आज बर्बाद मत करो हर चीज़ का एक वक़्त है बारह घण्टे से पहले सुबह नही होती और बारह घण्टे से पहले रात नही होती। ना आप रात को दिन मे बदल सकते हैं ना दिन को रात में फिर दूसरों की ज़िन्दगी को अपनी ज़िन्दगी से बदलने का क्यों सोचते हैं।
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