मानसिक रोगी हो तो घर पर रहो ये कंगारू की तरह सड़क पर उछलती क्यों रहती हो। हादसा या साज़िश जाने आज
लखनऊ वाला कैब ड्राइवर काण्ड आप लोगों को जो भी लगता हो पर मेरा नज़रिया इसको लेकर एक़वाफिना, बिसलेरी, किनले, और एक़वालीने कि तरह बिल्कुल क्रिस्टल क्लियर है। मुझे ये एक्सीडेंट नही बल्कि एक सोची समझी साज़िश लगती है।
आप देखिए प्रियदर्शिनी यादव किस तरह सड़क पर आती है उससे पहले एक गाड़ी खड़ी रहती है उसको पार करके ज़ेब्रा लाइन पर आती हैं वहाँ लाल सिंग्नल होता है गाड़ी से पाँच-सात क़दम पहले ही वो ज़ेब्रा लाइन पर रुक जाती है जब गाड़ी क़रीब आने को रहती है तभी फिर कैब ड्राइवर शहादत को निकाल कर पीटने लगती है पुलिस वाला खड़ा देखता रहता है लड़की लड़को को कंगारु की तरह उछल उछल के कंटाप लगा रही है जैसा कि वीडियो में दिखाया गया है।
मुझे ये हादसा कम साज़िश ज़्यादा लगती है वो इसलिए कि आगामी विधानसभा चुनाव होने है उत्तर प्रदेश में , कुछ सर्वे में दावा किया जा रहा है कि अगली सरकार सपा की बनने वाली है। अब आइये मेरे नज़रिये को 3D ग्लास लगा कर स्लो मोशन में देखते हैं। जैसा कि कहा जा रहा है कि आगामी विधानसभा में सपा की सरकार बनने के चांस है, अबे तैय फिर भी ना समझे बुड़बक, धत पगला, सपा सरकार बनने के चांस है मत-बल समझे बे। धत साले तैय सब कुछ ना समझते। अच्छा समीकरण का गणित समझो सपा के सबसे बड़े वोट बैंक कौन से हैं ? हाँ अब सही पकड़े हो अहीर और मुस्लिम के यानी ये जवानी है क़ुर्बान अखिलेश भईया तेरे नाम वाले दरी बिछाओ गैंग और यादव के। यादव मुस्लिम की कमेस्ट्री एकदमे एचटूफोर वाली है। अब आप देखिए एक लड़की चुनाव से चंद महीना पहले आती है जो कि यादव समुदाय से संबंध रखती है और आकार मुस्लिम समुदाय के युवक को कंटाप लगा जाती है। मतलब की यादव बनाम मुस्लिम बहस हो इसे मैन्युपुलेशन एंगल से क्रिएट किया गया है। यानी मुसलमानों में उबाल आए और वो अपनी जवानी को अखिलेश भईया पर क़ुर्बान होने से रोक ले।
लड़की यादव लड़का मुस्लिम लड़की दावा करती है कि लड़का उसपर गाड़ी चढ़ाना चाहता था इसीलिए थप्पड़ मारा। अरे बहिनी मारे तो मारे फिर ई भी काहे लगी तू की उ सौ लौंडन के साथ आवा मारिस पिटिस हड्डी वड्डी तोड़ दी हमे फोड़ दिहिस। सारा चैनल टीवी पर इसका इंटरव्यू भी चलाने लगा और लड़की का पक्ष लेने लगा यहां तक पुलिस वालों ने भी लड़की का ही पक्ष लिया था पहले फिर बवाल होने पर उसके ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज कर ली।
अब कुछ बिंदुओं पर बात करले बाबू मोशाय
लड़की ने कहा कि वो हमेशा जैसव रोड पर टहलने जाती रही है,इससे पहले उसके साथ कोई हादसा नही हुआ?
पहली गाड़ी से पार करके दूसरी आती हुई उस कैब ड्राइवर की गाड़ी को देख ज़ेब्रा क्रासिंग पर पहले ही रूक गयी जबकि गाड़ी पाँच-सात क़दम की दूरी पर थी, ज़ेब्रा क्रासिंग पर अगल बगल गाड़ी खड़ी है फिर उसी गाड़ी को टार्गेट क्यों किया ?
लड़की का दावा है कि लड़के के साथ सौ लोग और थे जो उसे मारते हुवे तीन सौ मीटर तक लेगये और ख़ूब मारा पीटा हाथ की हड्डी भी तोड़ दी। अगर सौ लोग और थे तो कहाँ थे और तीन सौ मीटर तक मारा तो पुलिस उस समय क्या कर रही थी ?
लड़की का दावा है कि वो मानसिक रोगी है फिर एक मानसिक रोगी विभिन्न चैनलों पर अपनी सफ़ाई का इंटरव्यू कैसे दे रहा है ?
अगर सभी एंगल से देखे तो ये एक साज़िश नज़र आती है यादव बनाम मुस्लिम बहस को बढ़ाने की जिसका सीधा असर आगामी विधानसभा चुनाव पर पड़ेगा। इससे नुक़सान लड़की को हुआ या लड़के को ये नही पता पर फ़ायदा बहुत सारे लोग उठाना चाहते हैं इस काण्ड से। आगे आगे देखिए होता है क्या, अभी तो ये अंगड़ाई है आगे और लड़ाई है। चुनावी ओलम्पिक तैयार होचुका है मेडल जीत किसकी होगी कौन खिलाड़ी मेडल जीतेगा ये तो वक़्त ही बताएगा पर आगामी विधानसभा चुनाव बहुत मसालेदार होने वाला है।
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