क़ुरआन मज़हबी क़िताब नही छुपा हुआ ख़ज़ाना है। वो बातें जो नही बताई गयी

आज इस्लाम की मुसलमान की क्या सूरत बना दी है इन कठ मुल्लो,ख़ातिबो और ज़ाकिरो ने।जिस क़ुरआन को वैश्विक, दुनिया वालों के लिए एक नज़ीर बना कर भेजा गया था उसे मज़हबी क़िताब तक समेत दिया। क़ुरआन के अस्सी प्रतिशत पहलू को छुपा कर बीस प्रतिशत उस पहलू को ज़माने के लिए पेश किया जिससे उनकी रोज़ी रोटी चल सके। इंसानी की रहनुमाई वाली क़ुरआन को मुर्दो की मग़फ़िरत की क़ुरआन बना दिया। 
हदीस है इल्म तुम्हारी मीरास है उसे हासिल करो , अल्लाह क़ुरआन मे फरमाता है, इस क़िताब में दुनिया की हर ख़ुश्क ओ तर चीज़ों का ज़िक्र है।

मौला अली ने नहजुल बलाग़ा में फ़रमाया: हिकमत की बात जहां कहीं हो, उसे हासिल करो क्योंकि हिकमत मुनाफ़िक़ के सीने में भी होती है, लेकिन जब तक उससे निकल कर मोमीन के सीने में पहुँच कर दूसरी हिकमतो के साथ बहल नही जाती तड़पती रहती है।

हिकमत मोमीन की ही गुमशुदा चीज़ है उसे हासिल करो चाहे मुनाफ़िक़ से लेना पड़े।

जो लोग अपनी दुनिया संवारने के लिए दीन से हाथ उठा लेते हैं, यो ख़ुदा उस दुनियावी फ़ायदे से कहीं ज़्यादा उनके लिए नुक़सान की सूरते पैदा कर देता है।

बहुत से से पढ़े लिखे को दीन से बेख़बरी तबाह कर देती और जो इल्म उनके पास होता है उन्हें ज़रा भी फ़ायदा नही पहुंचाता है।

क़ुरआन में तुमसे पहले की ख़बरें, तुम्हारे बाद के वाक़्यात और तुम्हारे दरमियानी हालात के लिए अहकाम हैं।

इस्लाम वैज्ञानिक पद्धति पर आधारित मज़हब है जिसमे तार्किक और वैज्ञानिक नज़रिये से बात की गयी है। जिस क़ौम की बुनियाद वैज्ञानिकता पर आधारित हो जहां बड़े से बड़े सवालों का जवाब हो अफ़सोस हमारे ज़ाकिर ओ ख़तीब, कठ मुल्लो ने उसे सिर्फ मुर्दों की बख़्शिश का ज़रिया बना दिया।
अफ़सोस जिस पहलू को बताना चाहिए उसे छुपा दिया। डॉक्टरी, इंजीनियरिंग, आईएएस आईपीएस का सारा इल्म तुम्हारी क़िताबों में छुपा है पर तुमने कभी दुनिया को बताया नही। कितनी ऐसी चीजें है जिसपर शोध करना चाहिए आगे बढ़ना चाहिए लोगों को दुनिया को बताना चाहिए पर उसे छुपा दिया गया।

जनाबे यूनुस का वाक़्या है जब मछली ने उन्हें अपने पेट से निगले के बाद उगला तो जनाबे यूनुस का बदन शल (मछली के पेट में रहने की वजह से बिल्कुल बेकार हो चुका था) हो चुका था जिसपर मक्खी भी बैठ जाती थी तो ज़ख़्म होजाता था। अल्लाह ने कद्दू का पौधा दरिया किनारे पैदा किया जिसे खाने से सारा ज़ख़्म ठीक होगया और कद्दू (pumkin) के पौधे में ये ख़ासियत थी कि उसकी वजह से मक्खी मच्छर कोई कीट पतंग क़रीब नही आते थे। ये दुनिया का पहला पौधा है जो बिना पानी के पैदा हुआ आज भी कद्दू की खेती बिना पानी के होती है। क्या आपने कभी इस पहलू पर ग़ौर किया कभी जानने की कोशिश की ,कि कद्दू में ऐसा क्या है जो ज़ख़्म को ठीक कर सकता है,उसके पौधे में ऐसा क्या पाया जाता है जिससे मक्खी मच्छर क़रीब नही आते। ये शोध का विषय है पर कभी किसी मौलवी मौलाना ने आपको बताने की कोशिश की ? नही बिल्कुल नही की तुम आईएएस आईपीएस डॉक्टर इंजीनियर के लिए बने हो इस्लाम ने तुम्हारे लिए एक ऐसी क़िताब उतार दी है जिसमे दुनियावी इल्म का फंडामेंटल, उसका बेसिक एकदम क्लियर है तुम्हे उसे शुरू  समझने की ज़रूरत नही है राह दिखा दी गयी है उसको पकड़ के आगे बढ़ो।

क़ुरआन में गणित से लेकर विज्ञान की हर शाखा का हर इकाई का इल्म छुपा है उसे टटोलो तो सही।
कभी आपने बच्चों को नौजवानों को बताने की कोशिश की बेटा फलां फलां सूरह की फलां आयत में इस बात का ज़िक्र है ज़रा जाकर अपने स्कूल कॉलेज में पता करना दुनिया बहुत तरक़्क़ी कर रही है देखो जिस बात का ज़िक्र क़ुरआन हदीस में है वो तुम्हारे स्कूल, कॉलेज की किताबों में है ज़रा इसे देख करत आना और मुझे बताना। इससे बच्चों नौजवानों में दीन और दुनिया दोनों विषय को सीखने का जज़्बा पैदा होगा उसे दिलचस्पी बढ़ेगी वो क़ुरआन हदीस पर ग़ौर ओ फ़िक़्र करेगा फिर दुनियावी तहक़ीक़ात से उसे मिलाएगा जो उस विषय पर हुई होगी, इस तरह सीखने का जज़्बा बढ़ेगा लोग आगे बढ़ेंगे पर नही आपको तो मिम्बरो से बस जन्नत जहन्नुम बांटना है। अल्लाह इतनी सी बात के लिए क़ुरआन नाज़िल ना करता ना ये फरमाता इसमे हर शय का हर ख़ुश्क ओ तर चीज़ों का ज़िक्र है। अफ़सोस क़ुरआन को मज़हबी क़िताब बना दिया ये इल्म का ख़ज़ाना है पूरी दुनिया के लिए इसे खोलो हर मज़हब ओ मिल्लत को बताओ। आप वहीं बताते हैं जिसका इल्म लोगों को पहले से है बताओ जदीद साइंस और क़ुरआन की आयतों को। बताओ क़ुरआन में क्या क्या है कितना शोध का विषय है कितनी चीज़ों का हल है लफ़्ज़ों को आसान बनाओ लोगों को दावत दो जिस बात से टकराव हो इत्तेलाफ़ हो उससे मत बयां करो, नौजवानों ,बच्चो को क़ुरआन ओ हदीसों को एक दिलचस्प विषय के रूप में बताओ जिससे वो तहक़ीक़ करें दुनियावी इल्म से मिलाएं तरक़्क़ी करें आगे बढ़े। क़ौम के बच्चों को सिर्फ़ रोज़ा,रमज़ान ईद बक़रीद, मुहर्रम इत्यादि के बारे में मत बताओ उन्हें बताओ कि और क्या क्या है। हर त्योहार का अपना एक वैज्ञानिक मत है उसे बच्चों नौजवानों को समझाओ बताओ ना कि सिर्फ उन्हें दीन में बिल्कुल बांध दो जिससे उन्हें ऊब हो कुछ सीखे ही ना बहुत कुछ है बताने को वो बताइये सिखाइए क़ौम में आईएएस आईपीएस डॉक्टर इंजीनियर वैज्ञानिक पैदा कीजिये उन्हें बताइए दुनिया में जो आज इल्म है उसकी बुनियाद आपकी क़ुरआन है। क़ुरआन नहजुल बलाग़ा गीता, महाभारत, रामायण, वेद,पुराण, उपनिषद सभी को को जानो समझो और देखो हर मज़हब को जानो सभी से इल्म हासिल करो सौ किताबें पढ़ोगे एक तो तुम्हारे काम की निकलेगी ही।

लेख बहुत लम्बा होजायेगा इसीलिए इसे यहीं समाप्त करके अगले अध्याय में आपको क़ुरआन हदीस की कुछ इल्मी साइंटिफिक, लॉजिकल और रिसर्च योग्य बातें बताते हैं जिससे आपको भी पता चले कितना इल्म छुपा है क़ुरआन में कितनी बीमारियों का और परेशानियों का हल है क़ुरआन ओ हदीस में, कमेंट करके इस विषय पर अपनी राय हमे अवश्य दें।

शुक्रिया

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