दो ससुर नौ चचेरे ससुर का एकलौता दामाद, पचास लाख साली साले का अकेला जीजा जाने कौन है
दो ससुर और नौ चचेरे ससुर पचास लाख से ज़्यादा साली साले के अकेले जौनपुरिया लल्लनटॉप जीजा की।
नौ विधानसभा के ससुरों का अकेला ऐसा दामाद जहां ससुर का कभी आगमन नही होता। दामाद अकेला साली साले से लेकर उनके नाते रिश्तेदार तक को रेलमपेल चूतिया बना रहा है पर मजाल है इस दामाद की तरफ कोई आँख उठा कर देख ले। दामाद के पास कागज़ी किसी चीज़ की कमी नही है इतना सुविधा सम्पन्न दामाद है जिसकी सुविधाओं को देखने के लिए मिस्टर इंडिया वाला चश्मा लगाना पड़ता है।
सुविधा तो ऐसी ऐसी है कि मुर्दे को ज़िन्दा कर दिया जाता है। हम बात कर रहे हैं दामाद ए आला लखनऊ वालों का साला आली जनाब ईज़्ज़त मआब जौनपुर ज़िला अस्पताल की जहां ईलाज के नाम पर खानापूर्ति अस्पताल के तरकश में बस पंद्रह अस्त्र रूपी दवाएं हैं कोई भी ऐसा भी मरीज़ आजाए ये पंद्रह दवाएं उसे यूं दी जाती है जैसे कांग्रेस वालों को टिकट दिया जाता है ले भाई तू भी ले ले।
साठ प्रकार की मुफ्त जाँच करने के लिए करोड़ो की मशीन लगी है पर केवल काग़ज़ों पर उसकी जाँच होरही है। ज़िला अस्पताल में गंदगी के साथ गर्मी के दिनों में बिजली नही थी चारो तरफ अंधेरा और गर्मी जिससे मरीज़ बेहाल परेशान थे।
डॉक्टर दो ग़ज़ की दूरी से ब्लूटूथ से नब्ज़ और आँख का ईलाज कर रहे हैं। गम्भीर से गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीज़ जाए मजाल है दस सेकंड से ज़्यादा देख लिया जाए।
डॉक्टर तनख़्वाह सरकारी लेते हैं और ईलाज अपने प्राइवेट क्लीनिक पर करते हैं। वार्ड बॉय मरीज़ों से अवैध वसूली करते रहते हैं। ज़िला अस्पताल के पास जितने मेडिकल स्टोर हैं सभी मेडिकल का हर डॉक्टर से अलग अलग अनुबंध है मनचाही दवा लिखाई जाती है। सभी दवा की सूची डॉक्टर के व्हाट्सएप पर मौजूद है जितनी महँगी बाज़ारू दवा डॉक्टर का उतना ज्यादा कमीशन।
डॉक्टर का व्यवहार मरीज़ों के प्रति ऐसा है जैसे शादियों में मुँह फुलाए हुवे फूफा का। ना ठीक से बात करना ना देखना बस कागज़ी खानापूर्ति करके जल्दी से अस्पताल से निकल कर अपने प्राइवेट क्लीनिक पर जाना। आपातकालीन वार्ड में ऑर्थो सर्जन, फिजिशियन, चेस्ट स्पेशलिस्ट की जगह पर एक ही डॉक्टर रहते हैं।
ना ईलाज है ना सुविधा ज़िले के इकलौते दामाद के पास परन्तु पैसा पानी की तरह दामाद पर बहाया जा रहा है। ससुरों को दामाद से कुछ ज़्यादा ही लगाव है तभी कभी ना निरीक्षण को जाते है ना हालचाल लेते हैं उन्हें पता है खाते पीते घर का दामाद है।
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